Tuesday, September 3, 2013
Thursday, November 8, 2012
Wednesday, December 21, 2011
Half filled or Half Empty
I can shed the tears that you are gone,
or smile at the moments that you lived by
I can close my eyes and wish you will come back
or open my eyes and look at what's left by,
My heart is empty because I can't see you,
or full of chimes, giggles, tears, the love that you shared
I turn back today and live in yesterday,
or Be happy with yesterday and live tomorrow
I remember you that you are gone ,
or can cherish your memory and let live on and on ..
You not so far, yet can't reach, can't fill
The Glass remains Half Empty and Half filled...
or smile at the moments that you lived by
I can close my eyes and wish you will come back
or open my eyes and look at what's left by,
My heart is empty because I can't see you,
or full of chimes, giggles, tears, the love that you shared
I turn back today and live in yesterday,
or Be happy with yesterday and live tomorrow
I remember you that you are gone ,
or can cherish your memory and let live on and on ..
You not so far, yet can't reach, can't fill
The Glass remains Half Empty and Half filled...
Thursday, February 24, 2011
Saturday, January 22, 2011
यही है मेरी दो बूँद की प्यास ...........
The scar is too deep and bold,
The realization makes me cold
I feel like going to the world,
The world of you and Madhav,
The world which My eyes want to see,
The soul wants to be,
Where the laughter isn’t a challenge,
Where the love isn’t questioned,
And the complete is possible…………………..
May be then, I would like to be back
Back to live life with my Thee,
यही है मेरी दो बूँद की प्यास ...............
Thursday, October 14, 2010
सून्य सून्य बन के घुल जाऊं
ये कैसी है विडम्बना,
अक्सर मैंने चाहा सून्य हो दूर,
पूर्ण विराम की चाहत नहीं,
और जीवन मरण से रहूँ अति दूर,
तुम आये मेरे जीवन में,
माधव की चाहत लेकर,
माधवता को कुछ ऐसे घोला,
चहु ओर प्रतीत हुआ सून्य का मेला,
तुझसे जुड़ा कुछ ऐसे,
मन में हुई अति कोलाहल,
जीवन थमी और लगी सून्य सी,
सून्य सून्य में ग़ुम हुआ मैं पल अति पल,
सून्य को पाऊँ ,
सून्य को चाहूं,
सून्य सून्य से जुड़ा मेरा कल कल ,
अश्रु बहे सून्य की ओर ,
नयन खोजे तुन्हें चहु ओर,
मन की व्यथा कुछ ऐसी ,
सून्य को चाहे कुछ ऐसी,
जीवन का पूर्ण विराम तो सून्य ,
जीवन की प्रारंभ भी सून्य ,
फिर क्यूँ न मैं चाहूं सून्य,
क्यूँ न मैं पाऊँ सून्य,
मैं मिल जाऊं सून्य में,
तुझमें कुछ ऐसे घुल जाऊं ........
सून्य बन के घुल जाऊं तुझ में ,
जीवन के इस रहस्य को प्रणाम,
सून्य की सत्य को प्रणाम ......................
अक्सर मैंने चाहा सून्य हो दूर,
पूर्ण विराम की चाहत नहीं,
और जीवन मरण से रहूँ अति दूर,
तुम आये मेरे जीवन में,
माधव की चाहत लेकर,
माधवता को कुछ ऐसे घोला,
चहु ओर प्रतीत हुआ सून्य का मेला,
तुझसे जुड़ा कुछ ऐसे,
मन में हुई अति कोलाहल,
जीवन थमी और लगी सून्य सी,
सून्य सून्य में ग़ुम हुआ मैं पल अति पल,
सून्य को पाऊँ ,
सून्य को चाहूं,
सून्य सून्य से जुड़ा मेरा कल कल ,
अश्रु बहे सून्य की ओर ,
नयन खोजे तुन्हें चहु ओर,
मन की व्यथा कुछ ऐसी ,
सून्य को चाहे कुछ ऐसी,
जीवन का पूर्ण विराम तो सून्य ,
जीवन की प्रारंभ भी सून्य ,
फिर क्यूँ न मैं चाहूं सून्य,
क्यूँ न मैं पाऊँ सून्य,
मैं मिल जाऊं सून्य में,
तुझमें कुछ ऐसे घुल जाऊं ........
सून्य बन के घुल जाऊं तुझ में ,
जीवन के इस रहस्य को प्रणाम,
सून्य की सत्य को प्रणाम ......................
Thursday, September 9, 2010
दास्ताँ पल पल की
ज़िन्दगी इधर भी है,
ज़िन्दगी उधर भी,
पल पल की दास्ताँ उधर भी,
कुछ छोटे पल की दास्ताँ इधर भी
तुम जो कह गए,
खुदा ने सुना,
तुम जो मांग गए,
खुदा ने सुना,
हमने तो बस पल ही देखा,
पल पल ही समेटा,
खुद को मालूम नहीं किस पल से जुड़े हुए ,
तुझसे कुछ ऐसे जुड़े की,
हाथों ने तुझे खुदा बनाया,
उस पल को सोचते जिस पल को तुझे खुदा बनाया,
हम तो उस पल के राही,
जिस पल में तुम कुछ दे जाओ,
इन आँखों को उस पल की तलाश,
जिस पल के लिए तुझे खुदा ने बनाया......
दास्ताँ बस पल पल की .... इस पल से उस पल तक की.......
ज़िन्दगी उधर भी,
पल पल की दास्ताँ उधर भी,
कुछ छोटे पल की दास्ताँ इधर भी
तुम जो कह गए,
खुदा ने सुना,
तुम जो मांग गए,
खुदा ने सुना,
हमने तो बस पल ही देखा,
पल पल ही समेटा,
खुद को मालूम नहीं किस पल से जुड़े हुए ,
तुझसे कुछ ऐसे जुड़े की,
हाथों ने तुझे खुदा बनाया,
उस पल को सोचते जिस पल को तुझे खुदा बनाया,
हम तो उस पल के राही,
जिस पल में तुम कुछ दे जाओ,
इन आँखों को उस पल की तलाश,
जिस पल के लिए तुझे खुदा ने बनाया......
दास्ताँ बस पल पल की .... इस पल से उस पल तक की.......
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